चंडीगढ़। हरियाणा में बुधवार को घोषित 7 शहरी निकायों के चुनाव परिणाम चौंकाने वाले रहे। भाजपा और जननायक जनता पार्टी (जजपा) गठबंधन को करारा झटका लगा। सत्ता में रहने के बावजूद यहां सात निकायों में से केवल दो में ही कमल खिल पाया। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच यह नतीजे भाजपा के लिए चेताने वाले हैं। वहीं, कांग्रेस गुटबाजी की वजह से सिर्फ एक निकाय में ही जीत हासिल कर पाई।
तीनों नगरपालिकाओं के चेयरमैन पद पर निर्दलीयों ने कब्जा किया। इनमें दो पर जजपा और एक पर भाजपा ने गठबंधन में सिंबल पर प्रत्याशी उतारे थे। पंचकूला में भाजपा के कुलभूषण गोयल कांग्रेस से मेयर पद छीनने में कामयाब रहे। अम्बाला में भाजपा को मेयर पद गंवाना पड़ा। वहां पूर्व मंत्री विनोद शर्मा की हरियाणा जनचेतना पार्टी से उनकी पत्नी शक्ति रानी जीती हैं। भाजपा दूसरे और कांग्रेस चौथे नंबर पर रही।
राजनीति के जानकार भाजपा-जजपा गठबंधन की हार में किसान आंदोलन को प्रमुख वजह बता रहे हैं। जहां-जहां चुनाव थे, वहीं आंदोलन का ज्यादा असर है। अम्बाला से आंदोलन शुरू हुआ था। सोनीपत में ये अभी चल रहा है। टिकरी बॉर्डर के लिए सांपला से ही जाना पड़ता है। रेवाड़ी में धरने का असर धारूहेड़ा तक है। सिरसा और उकलाना में भी प्रदर्शन चल रहे हैं।
हरियाणा में निकाय चुनाव:7 में से 5 में भाजपा-जजपा हारी, अम्बाला में मेयर पद गंवाया
papajinews
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