फील्ड पर बैतूल कलेक्टर : शाहपुर में सघन निरीक्षण,स्वास्थ्य-शिक्षा,राजस्व पर दिया जोर

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

शाहपुर में कलेक्टर डॉ. सोनवणे का सघन निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर शिक्षा और राजस्व कार्यों का लिया जायजा

शाहपुर

कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने शाहपुर क्षेत्र के सघन भ्रमण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, सांदीपनी स्कूल और एसडीएम कार्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने टीबी, मलेरिया, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और एनसीडी से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने सभी कक्षों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यवस्थित डिस्प्ले कराने के निर्देश दिए। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में क्षेत्र की तुलना में कम बच्चों की भर्ती पाए जाने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने ओपीडी रजिस्टर और एनआरसी रजिस्टर का मिलान करते हुए बच्चों का वजन और लंबाई मापकर सुधार की स्थिति की जानकारी ली। मलेरिया वार्ड के सामने कबाड़ पाए जाने पर तत्काल सफाई कराने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद कलेक्टर डॉ सोनवणे ने सीनियर अनुसूचित जाति बालक छात्रावास का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। स्मार्ट क्लास का प्रभावी संचालन नहीं होने और पोषण तत्वों के आधार पर मेन्यू का डिस्प्ले नहीं पाए जाने पर उन्होंने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने स्मार्ट क्लास को जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित करने तथा छात्रावास में खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर डॉ सोनवणे ने शाहपुर में 26 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे सांदीपनी स्कूल का भी निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने प्लेग्राउंड, ट्रैक एवं अन्य सुविधाओं का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप करने के निर्देश दिए और एसडीएम एवं प्राचार्य को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
एसडीएम कार्यालय में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसीलदार न्यायालय के लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों में शीघ्र पेशियां लगाकर उनका निराकरण किया जाए। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि छह माह से अधिक पुराने प्रकरण लंबित न रहें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सहित अन्य विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
papajinews
Author: papajinews

error: Content is protected !!