ग्राम दानवाखेड़ा में लगाया गया हैंडपंप, ग्रामीणों को होगी शुद्ध पेयजल की आपूर्ति
जिले के घोड़ाडोंगरी जनपद अंतर्गत ग्राम दानवाखेड़ा में ग्रामीणों की पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी की पहल पर वन विभाग के समन्वय से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम में तत्काल बोर करवाकर हैंडपंप स्थापित किया गया है।
इस व्यवस्था से अब ग्रामीणों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री मनोज बघेल ने बताया कि हैंडपंप से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच की गई है, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई है। हैंडपंप स्थापित होने से ग्रामवासियों को बड़ी सुविधा मिलेगी तथा स्वास्थ्य संबंधी जोखिम में भी कमी आएगी।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में ग्रामीण झिरिया के जल का उपयोग कर रहे थे। ग्राम आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित होने के कारण नलकूप खनन की अनुमति प्राप्त नहीं हो पा रही थी। ग्रामीणों की निरंतर पेयजल मांग एवं दूषित जल उपयोग की शिकायत को देखते हुए कलेक्टर सूर्यवंशी ने तत्काल संज्ञान लेकर वन विभाग के वरिष्ठ एवं स्थानीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर अनुमति दिलाई तथा पीएचई विभाग को शीघ्र नलकूप खनन कर हैंडपंप स्थापित करने के निर्देश दिए। निर्देशों के पालन में पीएचई विभाग द्वारा मशीन लगाकर नलकूप खनन किया गया और हैंडपंप स्थापित कर शुद्ध पेयजल प्रदाय प्रारंभ कर दिया गया है। साथ ही ग्राम के पारंपरिक पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन कार्य भी कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सक्रिय
ग्राम दानवाखेड़ा में त्वचा संबंधी बीमारी की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 सदस्यीय चिकित्सा टीम को गांव भेजकर ग्रामीणों की जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया। कलेक्टर सूर्यवंशी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज हुरमाड़े द्वारा चिकित्सा दल का ड्यूटी रोस्टर निर्धारित कर ग्राम दानवाखेड़ा के लिए समर्पित टीम गठित की गई है, जो निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार एवं आवश्यक परामर्श प्रदान कर रही है।
Author: papajinews
Post Views: 14



