ऑनलाइन धोखाधड़ी, डेटा चोरी और साइबर अपराधों से बचाव बेहद जरूरी- डॉ शीतल चौधरी
साइबर अपराधों की रोकथाम पर महाविद्यालय में कार्यशाला हुई संपन्न
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों से निपटने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में शासकीय महाविद्यालय शाहपुर में गुरुवार को साइबर सुरक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, डेटा चोरी और साइबर अपराधों से बचाव की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराने के लिए आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर नीतू जायसवाल माहोरे एवं अतिथियों ने किया। प्रमुख वक्ता के रूप में डॉ शीतल चौधरी ने उपस्थितजनों को फिशिंग अटैक, पासवर्ड सुरक्षा, फायरवॉल और एन्क्रिप्शन जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष लाखों साइबर हमले दर्ज होते हैं, इसलिए जागरूकता ही पहला बचाव है। कार्यक्रम में 80 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिन्हें व्यावहारिक सत्रों में साइबर सुरक्षा टूल्स का हाथों-हाथ प्रशिक्षण भी दिया गया। प्राचार्य प्रो. नीतू जायसवाल माहोरे ने कहा, “आज के डिजिटल दौर में साइबर साक्षरता हर छात्र के लिए अनिवार्य है।
यह आयोजन हमारे पाठ्यक्रम को मजबूत बनाने की दिशा में एक कदम है।”कार्यक्रम का समापन प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ। संस्थान ने घोषणा की कि साइबर सुरक्षा पर नियमित वर्कशॉप आयोजित किए जाएंगे। भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ शीतल चौधरी ने बताया कि इस अवसर पर साइबर सुरक्षा विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता एवं साइबर सुरक्षा पर वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री चंद्र किशोर बाघमारे एवं आभार प्रदर्शन डॉ पूनम देशमुख द्वारा किया गया। इस अवसर पर समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।



