सरकारी स्‍कूलों में पुस्‍तकालय व स्‍त्रोत बच्‍चों के साथ नवाचार

सरकारी स्‍कूलों में पुस्‍तकालय व स्‍त्रोत बच्‍चों के साथ नवाचार


ओरेकल के वित्तीय सहयोग से एकलव्य फाउंडेशन शाहपुर के द्वारा ब्‍लॉक की 20 प्राथमिक शालाओं पावरझंडा, रायपुर, पहावाड़ी, जामुनढाना, भौरा, भौराढाना, मगरडोह, हांडीपानी, बानाबेहड़ा, पोलापत्थर, चिरमाटेकरी, बोरीपानी, धपाड़ामाल, धपाड़ारैयत, डेंडूपुरा, भातना, रानापुरा, झापड़ी, कछार और झापड़ी-कालापानी में स्कूलों की लाइब्रेरी को एक जीवंत लाइब्रेरी के रूप में स्थापित किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके साथ ही हर स्‍कूल से 5 बच्‍चों का चयन भी किया गया है। शासकीय शिक्षकों के साथ‍ मिलकर इन बच्‍चों को स्‍त्रोत बच्‍चों की तरह तैयार किया जा रहा है। यह स्‍त्रोत बच्‍चे अन्‍य बच्‍चों के साथ पुस्‍तकालय व पठन-पाठन की विभिन्‍न गतिविधियां शाला के पुस्‍तकालय में करते है। शाला में एक जीवंत पुस्‍तकालय व अर्थपूर्ण सहभागिता से बच्‍चों के शैक्षिक स्‍तर में बदलाव होता है। शाहपुर ब्‍लॉक जैसे आदिवासी अंचल में रहने वाले बच्‍चों को भी विभिन्‍न तरह के शैक्षिक लाभ मिल सकें इसलिए इस प्रयास को शुरू किया गया है। गौरतलब है कि स्‍त्रोत बच्‍चों को भी बाकी बच्‍चों के साथ लगातार जुड़ाव बनाए रखने के लिए प्रशिक्षण की आवश्‍यकता होती है, अतएव हर स्‍कूल में कक्षा 3 से 5 के कुल 5 बच्‍चे व सभी स्‍कूलों से मिलाकर कुल 100 बच्‍चों के साथ दिनांक 26 व 27 दिसम्बर को दो चरणों में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में बच्चों के बीच बाल-साहित्य की किताबों से विभिन्न तरह की गतिविधियाँ की गई, जिसमें मुख्यतः रोल प्ले, और कविता लेखन पर फोकस रूप से काम किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्‍य था कि हम स्‍त्रोत बच्‍चों के भाषायी क्षमताओं के कौशलों में वृद्धि कर सकें, बच्चों की नेतृत्व क्षमता हो, उनमें सहयोग की भावना को बढ़ावा मिले, उनमें पढ़ने की संस्कृति विकसित हो, वे तार्किक चिंतन करे सकें और स्‍वयं व अन्‍य बच्‍चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा दे सके, और यह बच्‍चे अपने विद्यालयों में अन्‍य बच्‍चों के साथ सीखने -सिखाने का एक समृद्ध वातावरण तैयार कर सके। इस कार्यशाला और पुस्‍तकालय को जीवंत बनाए रखने की पहल में इन सभी 20 शालाओं के शासकीय शिक्षकों का बहुत बड़ा हाथ है, बिना उनके सहयोग और मार्गदर्शन के इस कार्य को पूरा करना मुमकिन नहीं है।
इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में एकलव्य टीम से- सरोज वर्मा, हर्षिता सरगर, आकाश मालवीय, मोनिका उइके, खेमप्रकाश यादव, हेमराज मालवीय, सुनील हनोते, महिमा साहू, दीपिका कहार, पूजा उइके, जिराती शैलुकर, क्षमा यादव, निदेश सोनी, अशोक हनोते, लखन काजले, कबिता बारा और नवीन मिश्रा शामिल रहे वही शासकीय शालाओं से शिक्षक रामरती भलावी, श्रवण कुमार वाडिवा, गोवर्धन तिवारी, गीता दुबे, अशोक शिवड़े, दुर्गेश उइके, सी. एल. महोबिया, सुगंध कुमार प्रजापति, अशोक साकरे, चंद्र कांता चौहान, रामगोपाल उईके, कुसुम उईके शामिल रहे।
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Author: papajinews

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